पशु पक्षी जानते है प्रकृति का संकेत
प्रकृति ने पशुओं को मनुष्य से अधिक संवेदनशील बनाया है
तभी तो वे आगामी खतरो का आभास कर लेते हैं और अपने व्यवहार के माध्यम से इसे अभिव्यक्त करते हैं। यदि मनुष्य पशुओं द्वारा दिए गए इन संकेतों को समझ सकते तो शायद भीषण प्राकृतिक आपदाओं से वह भी अपना बचाव कर सकते। इसी कारण आज विश्व भर के विशेषज्ञ पशुओं की सांकेतिक भाषा का पता लगाने के लिए लगे हुए हैं सन 1942 की बात है कि मैडबर्ग( जर्मनी )में एक व्यक्ति दाड़ी बना रहा था। कि बिल्ली की आवाज सुनकर उसने दरवाजा खोल दिया उसने देखा कि दरवाजे के बाहर एक बिल्ली खड़ी है जो अचानक व्यक्ति का पायजामा पकड़कर बाहर की ओर खींचने लगी और फिर भागी ।यह देखने के लिए की बिल्ली उसे कहां ले जाना चाहती है।
वह भी बिल्ली के पीछे पीछे दौड़ने लगा करीब आधा किलोमीटर जाने के बाद दिल्ली ने भागना बंद कर दिया, लेकिन उसी क्षण ब्रिटिश वायुसेना के विमानों ने उस घर पर बम गिरा दिया। जिस घर में वह रहता था और उसके देखते ही देखते उस घर की इमारत मिट्टी के ढेर में तब्दील हो गई ।जब वह व्यक्ति अपने घर लौटा तो अपने को सुरक्षित देख उसके मन में बिल्ली के प्रति गहरा आभार जागा। जिसने उसके प्राणों की रक्षा की थी । मनुष्य को छोड़कर बाकी अन्य सभी प्राणियों को यह आभास कर लेने की शक्ति प्राप्त है।
तभी तो वे आगामी खतरो का आभास कर लेते हैं और अपने व्यवहार के माध्यम से इसे अभिव्यक्त करते हैं। यदि मनुष्य पशुओं द्वारा दिए गए इन संकेतों को समझ सकते तो शायद भीषण प्राकृतिक आपदाओं से वह भी अपना बचाव कर सकते। इसी कारण आज विश्व भर के विशेषज्ञ पशुओं की सांकेतिक भाषा का पता लगाने के लिए लगे हुए हैं सन 1942 की बात है कि मैडबर्ग( जर्मनी )में एक व्यक्ति दाड़ी बना रहा था। कि बिल्ली की आवाज सुनकर उसने दरवाजा खोल दिया उसने देखा कि दरवाजे के बाहर एक बिल्ली खड़ी है जो अचानक व्यक्ति का पायजामा पकड़कर बाहर की ओर खींचने लगी और फिर भागी ।यह देखने के लिए की बिल्ली उसे कहां ले जाना चाहती है।
वह भी बिल्ली के पीछे पीछे दौड़ने लगा करीब आधा किलोमीटर जाने के बाद दिल्ली ने भागना बंद कर दिया, लेकिन उसी क्षण ब्रिटिश वायुसेना के विमानों ने उस घर पर बम गिरा दिया। जिस घर में वह रहता था और उसके देखते ही देखते उस घर की इमारत मिट्टी के ढेर में तब्दील हो गई ।जब वह व्यक्ति अपने घर लौटा तो अपने को सुरक्षित देख उसके मन में बिल्ली के प्रति गहरा आभार जागा। जिसने उसके प्राणों की रक्षा की थी । मनुष्य को छोड़कर बाकी अन्य सभी प्राणियों को यह आभास कर लेने की शक्ति प्राप्त है।
इसी कारण नष्ट होने वाले जहाज से चूहे निकलकर भागने लगते हैं। आकाशी बिजली व तेज तूफान से जंगलों में आग लगने से पूर्व बंदरों की टोलियां जंगल छोड़कर चली जाती हैं और भारी तूफान की संभावना होने पर ध्रुवीय भालू खाना छोड़ देते हैं ।जबकि मौसम विभाग के लोग इस बारे में नहीं जान पाते । यह सब उदाहरण हैं ।जो यह दर्शाते हैं कि पशु-पक्षियों को आगामी खतरो व घटनाओं का पूर्वाभ्यास हो जाता है। यह सब कैसे होता है, इसका कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं है। यह सब तो उन्हें प्राकृतिक प्रदत उपहार है। जिनके द्वारा वह प्रकृति में आगामी घटनाओं को महसूस कर लेते हैं और अपने बचाव हेतु प्रतिक्रिया देते हैं। सत्य यही है कि प्रकृति ऐसे संकेत हमें भी देती है ,परंतु प्रकृति से मुंह मोड़ लेने के कारण न तो हम उन्हें समझ पाते हैं और न ही उनके आधार पर अपने जीवन के लिए सुरक्षित व्यवस्था बना पाते हैं।
विशेष : अतः यदि मनुष्य चाहे तो प्रकृति के संकतों को समझ सकता है अपने ज्ञान इंद्रियों के द्वारा और ऋतु परिवर्तन और पशु पक्षियों गतिविधियों को देखकर जानकारियां हासिल कर सकता है ।तथा जानकारियों के माध्यम से आने वाली आपदाओं से बच सकता है।।
Translate in inglish
Animal birds know the sign of nature
That's when they realize the upcoming dangers and express it through their behavior. If humans could understand these signs given by animals, then perhaps they could also protect themselves from severe natural disasters. That is why today experts from all over the world are engaged to find the sign language of animals. It was in 1942 that a person was making a beard in Madberg (Germany). Hearing that cat's voice opened the door, he saw a cat standing outside the door, who suddenly grabbed the person's pajama and started to pull out and then ran. To see where the cat wants to take him.
He too started to run after the cat and after running about half a kilometer, Delhi stopped running, but at that moment British Air Force planes dropped the bomb at that house. The house in which he lived and the building of that house turned into a pile of mud. When that person returned to his house, seeing himself safe, he would feel deep gratitude to the cat. Who protected his life. Except humans, all other beings have the power to realize this.
For this reason, rats start escaping from the destroyed ship. Before monkey fires in the forests due to lightning and strong storms, the monkeys' troupes leave the forest and polar bears give up food when there is a possibility of heavy storms. These are all examples. This shows that animals and birds get rehearsal for the upcoming threats and events. There is no concrete explanation for how all this happens. All this is a natural gift to them. By which he realizes the upcoming events in nature and reacts to his rescue. The truth is that nature also gives us such signs, but due to turning away from nature, we neither understand them nor are we able to make safe arrangements for our lives on the basis of them.
Special: Therefore, if man wishes, he can understand the concepts of nature and gain knowledge through his knowledge senses and by observing the changes of seasons and animals and birds and can avoid the disasters coming through the knowledge.





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